• Printed Journal
  • Indexed Journal
  • Refereed Journal
  • Peer Reviewed Journal
Submit Manuscript
International Journal of Physiology, Nutrition and Physical Education

Impact Factor: RJIF 5.43

ISSN: 2456-0057

International Journal of Physiology, Nutrition and Physical Education

2018, Vol. 3, Issue 1
अष्टाग योग प्राणायाम, प्रत्याहार का मानव जीवन प्रभाव
Author(s): डॉ राजधर चैत्राम बेडसे
Abstract:
योग हमारे जीवन का प्रमुख अंग है योग एवम् खेल मानव जीवन एक महत्वपूर्ण अंग है मानव को अपने व्यस्त जीवन कुछ समय निकालकर योग करना चाहिए। योग एवम् खेल से हम लोगों का शरीर स्वस्थ रहता है। मांसपेशिया मजबुत होती है। मानसिक तनाव दुर होता है। योग एवम् खेल से मानव का अध्यात्मिक, मानसिक एवम् शारिरक विकास होता है। योग एवम् खेल से मानव श्वशन गति तीव्र मजबुत होती है, और इसके माध्यम से प्राणवायु की मात्रा बढ़ती है। श्वसन क्रिया ठीक रहने से अस्थमा, मधुमेह, उच्चरक्तचाप जैसी बिमारीया नही होती है आज का मानव अनेक प्रकार भयानक रोगों से ग्रसीत है, जिससे चिन्ता एवम् भय के कारण अनेक प्रकार के मानसिक रोग उत्पन्न हो रहे है, जिससे अनेक प्रकार के मानसिक रोग हो जाते है। जिनको दुर करने के लिए योग एवम् खेल जरूरी है। इससे मानव मे सामाजिक कौशल विकाश होता र्है।
Pages: 2193-2195  |  17 Views  1 Downloads
How to cite this article:
डॉ राजधर चैत्राम बेडसे. अष्टाग योग प्राणायाम, प्रत्याहार का मानव जीवन प्रभाव. Int J Physiol Nutr Phys Educ 2018;3(1):2193-2195.
Call for book chapter
International Journal of Physiology, Nutrition and Physical Education